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आज हम आपको बांà¤à¤ªà¤¨ के निवारण हेतॠ8 उपचार बताठहैं।
1. अशà¥à¤µà¤—ंधा- अशà¥à¤µà¤—ंधा हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤²-संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखती है और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाती है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ को समà¥à¤šà¤¿à¤¤ आकार में लाकर उसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाने में मदद करती है।
सेवनः इसके लिठगरà¥à¤® पानी के à¤à¤• गिलास में अशà¥à¤µà¤—ंधा चूरà¥à¤£ का 1 चमà¥à¤®à¤š मिशà¥à¤°à¤£ बनाकर, दिन में 2 बार लें ।
2. अनार - अनार गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ में खून के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को तेज करता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ की दीवारों को मोटा कर के गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कम करने के लिठसहायक है। यह à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास को बढ़ावा देता है ।
सेवनः अनार के बीज और छाल को बराबर मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाकर इसका चूरà¥à¤£ बना लें और किसी à¤à¤¯à¤° टाइट जार में रख लें। कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठदिन में 2 बार गरà¥à¤® पानी के à¤à¤• गिलास के साथ इस मिशà¥à¤°à¤£ का आधा चमà¥à¤®à¤š लें। आप ताजा अनार-फल à¤à¥€ खा सकते हैं, और अनार का ताज़ा रस à¤à¥€ पी सकते हैं।
3. दालचीनी- दालचीनी डिमà¥à¤¬-गà¥à¤°à¤‚थि के सही रूप से कारà¥à¤¯ करने में मदद कर सकती है।
सेवनः गरà¥à¤® पानी के à¤à¤• कप में, दालचीनी पाउडर का 1 चमà¥à¤®à¤š मिलाà¤à¤‚ । कà¥à¤› महीनों के लिठदिन में à¤à¤• बार इसे पीते रहें । इसके अलावा, अपने अनाज, दलिया, और दही पर à¤à¥€ दालचीनी पाउडर का छिड़काव करके इसे अपने आहार में शामिल करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि इस मसाले का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¤• दिन में 2 चमà¥à¤®à¤š से अधिक ना करें।
4. खजूर- यह गरà¥à¤ धारण करने के लिà¤, आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसमें कई पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जैसे कि:- विटामिन à¤, ई और बी लोहा और अनà¥à¤¯ ज़रूरी खनिज, जोकि à¤à¤• महिला को गरà¥à¤ धारण करने के लिठऔर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से लेकर बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® तक आवशà¥à¤¯à¤• हैं।
सेवनः 2 बड़े चमà¥à¤®à¤š कटे हà¥à¤ धनिठकी जड़ के साथ 10 से 12 खजूर (बीज के बिना) पीस लें। पेसà¥à¤Ÿ बनाने के लिठगाय के दूध के ¾ कप मिलाà¤à¤‚ और इसे उबाल लें। इसे पीने से पहले ठंडा होने दें। अपनी अंतिम माहवारी की तारीख से, à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लिà¤, इसे दिन में à¤à¤• बार पीà¤à¤‚। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥-नाशà¥à¤¤à¥‡ के रूप में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 6-8 खजूर खाते रहें और दूध, दही और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯-पेय में à¤à¥€ कटे हà¥à¤ खजूर का समावेश करें।
5. विटामिन-डी - पà¥à¤°à¥ˆà¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी और à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के लिठविटामिन डी बहà¥à¤¤ ही आवशà¥à¤¯à¤• है। वासà¥à¤¤à¤µ में विटामिन डी की कमी से बांà¤à¤ªà¤¨ और गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का कारण हो सकता है।
सेवनः विटामिन डी के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ जैसे कि सामन पनीर, अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ ले सकती हैं। आप विटामिन डी की गोलियों का सेवन à¤à¥€ कर सकती हैं लेकिनगोलियों कासेवन करने के लिठडाकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर ले लें।
6. बरगद के वृकà¥à¤· की जडें- आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ की मानें तो बरगद के पेड़ की जड़े बांà¤à¤ªà¤¨ के इलाज में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होती हैं।
सेवनः इसके लिठकà¥à¤› दिनों के लिठधूप में à¤à¤• बरगड के पेड़ की कोमल जड़ों को सà¥à¤–ा लें, फिर इसका चूरà¥à¤£ बनाक à¤à¤• बंद डिबà¥à¤¬à¥‡ में रख लें। à¤à¤• गिलास दूध में चूरà¥à¤£ के 1 से 2 बड़े चमà¥à¤®à¤š मिलाà¤à¥¤ माहवारी का समय खतà¥à¤® होने के बाद लगातार तीन-रातों के लिà¤, खाली पेट इसे à¤à¤• बार पीà¤à¤‚। इसे पीने के बाद à¤à¤• घंटे के लिठकà¥à¤› à¤à¥€ खाने से बचें । कà¥à¤› महीनों के लिठइस उपाय का पालन करें। याद रखें कि अपने मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° के दौरान इस उपायों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करें।
7. योग- पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ावा देने में मदद हेतॠकà¥à¤› योगासन है जैसे कि :- नाड़ी- शोधन पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, à¤à¥à¤°à¤¾à¤®à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨, हसà¥à¤¤à¤ªà¤¾à¤¦à¤¾à¤¸à¤¨, जानू शीरà¥à¤·à¤¾à¤¸à¤¨, बाधा कोनासना, विपरीत-करणी और योग निदà¥à¤°à¤¾ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ । याद रखें, योग का लाठलेने के लिठइसे ठीक-पà¥à¤°à¤•ार से किया जाना चाहिà¤à¥¤
8. संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार- à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ तरह से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लेना, पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठà¤à¤• और महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥, संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की उस दशा या बीमारियों को रोकने में मदद करता है जो बाà¤à¤à¤ªà¤¨ का कारण हो सकती हैं।
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